जैसे बारिश से
मेहेक उट्ठी माट्टी,
वैसे मेहेक उठे हैं हम,
आपके आने पर |
आपकी आवज़ लेजातीहे हमें,
न जाने कहाँ,
जहां भी हो ,
वही हे जन्नत हमारा |
इस बारिश ने फिरसे भिगोदिया
हमें, आपही के यादों से |
मन करे, इसी वक्त
दे जाएँ जान अपनी,
के जाते वक्त आपही के यादें
लेजायें अपने सात |
ये बारिश भी ना?
है बहुत शरारत भरा,
देखोना ,
लेगाया हमें एस दुनियासे दूर ...
मगर आपके पास |
Good One..!!!
ReplyDeleteThanku :)
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